देहरादून: अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन जिला संस्थान तरला आमवाला में पर्यावरणीय साक्षरता शैक्षिक संवाद 2026 का आयोजन किया गया जिसमे में प्रदेश के विभिन्न राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों तथा बीआरपी व आगनवाड़ी कार्यक्रतियां ने भी प्रतिभाग किया। इस संवाद के पैनलिस्ट वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी व द्वारिका प्रसाद सेमवाल तथा वर्चुअल पंकज चौहान जुड़े थे इन पर्यावरणविदो द्वारा अपने अपने क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से संवाद कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षकों को कैसे हम बच्चो को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ सकते हैं इसके टिप्स दिए गए।
द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने स्कूलों में गढ़ भोज को अपनाने पर जोर दिया। पर्यावरणविद् वृक्षमित्र डॉ त्रिलोक चंद्र सोनी ने अपने संबोधन में कहा पर्यावरण आज हमारे जीवन को स्वस्थ व निरोगी बनाने में एक दवाई का कार्य करता है इसे हमारे द्वारा दूषित किया जाता हैं तो जिसका प्रभाव मानव जीवन के साथ पूरे प्राणी जगत पर पड़ेगा। अगर हमे पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना है तो हमें अपने नजरिया बदल कर अच्छी सोच विकसित करना होगा। डा सोनी ने कहा ये जीवनदाता प्रकृति देवता हैं और इस धरा में हमें जीवन देकर इसके संरक्षण करने की जिम्मेदारी दी है
अगर हमारे छोटे छोटे प्रयासों से बच्चों की सोच बदल जाती है तो यह पीढ़ी एक युग को बदल देगी जो स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त वातावरण होगा जहां पर स्वस्थ जीवन बिता पाएंगे लोग आओ हम सब मिलकर इस धरा को पर्यावरण की दृष्टि से सजोकर अपने आनेवाले पीढ़ी के लिए बचाकर रखें। डॉ सोनी ने सेवानिवृत अपर शिक्षा निदेशक एससीईआरटी प्रदीप रावत, स्टेट हेड सोबन सिंह नेगी, डिस्ट्रिक हेड रविंद्र जीना, अमरीदर बिष्ट को एक एक तुलसी का पौधा उपहार में भेंट किए इस कार्यक्रम के संचालन डा अर्चना थपलियाल ने किया।
