पौड़ी। पौड़ी मुख्यालय में स्थायी अधिकारी की नियुक्ति न होने का मामला अब गंभीर सवाल बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्थायी अधिकारी के अभाव में न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी ठप पड़ी हैं। जनता का आरोप है कि अस्थायी व्यवस्था और अधिकारियों की अनियमित उपस्थिति के कारण जनपद को सांस्कृतिक आयोजनों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब राज्य के अन्य मंडल मुख्यालयों में स्थायी अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, तो पौड़ी मंडल मुख्यालय को इससे वंचित क्यों रखा गया है। लोगों का कहना है कि स्थायी अधिकारी न होने से निर्णय प्रक्रिया धीमी हो गई है और विभागीय समन्वय भी प्रभावित हो रहा है।
इस संबंध में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र नेताओं ने संस्कृति विभाग को पत्र भेजकर अपनी मांग रखी है। छात्रों की ओर से आयुष देववाल, राहुल चौधरी, नवीन चंद्र पहाड़ी, प्रदीप कुमार एवं ऋतिक मोहन ने हस्ताक्षर कर पौड़ी मंडल मुख्यालय में संस्कृति विभाग के अधिकारियों की शीघ्र स्थायी नियुक्ति की मांग की है।
पौड़ी की जनता ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि शीघ्र ही जनपद में स्थायी अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति आए और पौड़ी की सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों को नया जीवन मिल सके।
