देहरादून: शिक्षा और खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी सफलता हासिल की। ओएनजीसी तेल भवन और ‘मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन’ के सहयोग से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज को 330 नई टेबल-चेयर प्रदान की गईं। पुराने, जर्जर फर्नीचर से परेशान छात्रों को अब आरामदायक अध्ययन वातावरण मिलेगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री के संकल्प से प्रेरित ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ के तहत सरकारी स्कूलों में फर्नीचर, आउटडोर खेल सुविधाएं, शुद्ध पेयजल टैंक, लाइब्रेरी, लाइटिंग, एलईडी स्क्रीन और लैपटॉप जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला खनिज न्यास और योजना से धनराशि के बावजूद कमी को पूरा करने के लिए ओएनजीसी व हुडको से CSR फंड मांगे गए, जिन्होंने 5 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी। अब कोई बच्चा जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर नहीं होगा। खास मौके पर डीएम ने प्रदेश के पहले राजकीय आधुनिक नशामुक्ति केंद्र (रायवाला) को ओएनजीसी की ओर से एम्स चिकित्सालय के लिए उपलब्ध एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई। केंद्र प्रभारी डॉ. वैशाली ने बताया कि 10 नवंबर से शुरू इस केंद्र ने 100% क्षमता से काम करते हुए तीन युवाओं को नशे से मुक्त किया है, जिनकी मॉनिटरिंग जारी है।
मुक्त युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। ओएनजीसी के महाप्रबंधक नीरज शर्मा ने कहा कि कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत में सक्रिय है। पिछले नौ महीनों में देहरादून में 25-26 करोड़ और दिल्ली यूनिट से 10 करोड़ रुपये CSR के तहत दिए गए। जिला प्रशासन ने अन्य स्कूलों में भी वॉटर फिल्टर, लैपटॉप और शिक्षक फर्नीचर उपलब्ध कराए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, ओएनजीसी जीएम नीरज शर्मा-अरुण सिंह-चंदन सुशील, स्पोर्ट्स कॉलेज प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं, ग्राम्य विकास अभिकरण निदेशक विक्रम सिंह, मुमकिन है फाउंडेशन की प्रगति सडाना, वेस्ट वॉरियर्स के मयंक शर्मा-नवीन कुमार सडाना समेत गणमान्यजन उपस्थित रहे। यह कदम शिक्षा-खेल क्षेत्र में दूरगामी साबित होगा।
