देहरादून: उत्तराखंड के सहकारिता विभाग में पंजीकृत दून अर्बन कॉपरेटिव बैंक में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जाए और बैंक के ग्राहकों की मेहनत की कमाई डकारने वालों के खिलाफ रिकवरी के साथ साथ आपराधिक धाराओं में गबन व गलत तथ्य देकर मोती रकम बैंक से लेकर हड़पने का मुकदमा कायम कर कार्यवाही की जाए यह मांग आज एआईसीसी सदस्य व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में की।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के नजदीकी रिश्तेदार शामिल हैं जिनको बैंक ने बिना गारंटी व गलत पते पर मोटी रकम लोन के रूप में दी है और इन लोगों ने बैंक को लोन की रकम नहीं लौटाई और इनके खाते लंबे समय से एनपीए चल रहे हैं। धस्माना ने कहा कि बैंक में घोटाले की जानकारी प्रबंधन, शासन प्रशाशन आरबीआई व सरकार सब को होने के बावजूद ना तो उसकी सार्वजनिक घोषणा हुई ना कोई कार्यवाही जबकि आरबीआई की जांच भी हो चुकी है
किन्तु आरबीआई भी इस पर खामोश है और कोई कार्रवाई उनके स्तर पर भी अभी तक नहीं की गई जिससे यह बात स्पष्ट हो रही है कि सत्ताधारी दल के मंत्रियों व नेताओं की संलिप्तता इस घोटाले में है इसलिए इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की संस्तुति राज्य सरकार को तत्काल करनी चाहिए जिससे हजारों ग्राहकों का करोड़ों रुपए डूबने से बचाए जा सकें।
