देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड के लगातार उभरते नए खुलासों ने उत्तराखंड की धामी सरकार को कटघरे में ला खड़ा किया है। कांग्रेस के संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया ने कारगी चौक पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरना देते हुए सरकार पर सत्ता संरक्षण और साजिश का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह केस अब सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जहां सबूत मिटाने की कोशिशें साफ नजर आ रही हैं।
नए साल की दहलीज पर आयोजित इस प्रदर्शन में वैभव वालिया ने सीधे पुष्टि की: “धामी सरकार की चुप्पी संदेह का सबूत है। जिन पर आरोप हैं, वे आज भी आजाद क्यों घूम रहे? जांच कमजोर करने वाले अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं? भाजपा की महिला नेता खामोश क्यों हैं?” उन्होंने जोर देकर कहा कि अंकिता अब उत्तराखंड की हर बेटी की प्रतीक बन चुकी है और यह लड़ाई न्याय बनाम सत्ता दुरुपयोग की है।
कांग्रेस ने तीन मांगें ठोंकीं :
– मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच।
– सभी प्रभावशाली आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।
– संरक्षण देने वालों की पहचान और सजा।
वैभव ने चेतावनी दी, “अगर मांगें पूरी न हुईं, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेगी। अपराधियों का साथ देने वाली सरकार इतिहास में कुख्यात होगी।” प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, वरिष्ठ नेता अनिल नेगी, यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष स्वाति नेगी समेत अमन सिंह, मोहम्मद वसीम, एहतात खान, हेमंत उप्रेती जैसे कई नेता शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने नारों से हंगामा किया: “अंकिता को न्याय दो, भाजपा का संरक्षण बंद करो!”
यह प्रदर्शन नए साल से पहले राजनीतिक तापमान को और गरमा सकता है, क्योंकि कांग्रेस इसे बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा बना रही है।
