देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी, इंटरनेशनल कोच और समाजसेवी डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2025 में अपनी 27 वर्षों की मेहनत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। राज्य आंदोलनकारी और पूर्व विधायक प्रत्याशी डॉ. रावत ने खेल, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अनगिनत उपलब्धियां हासिल कीं, जिसके लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार के लिए नामांकित किया है। डॉ. रावत को इंटरनेशनल प्राइड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से ‘इंटरनेशनल द रियल सुपर हीरो’ अवॉर्ड, भारत सरकार की संस्थाओं से राष्ट्रीय सेवा रत्न, स्वामी विवेकानंद आदर्श रत्न, पीएम मोदी विजन ऑफ इंडिया और लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिले।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौली संवाद नेशनल कांक्लेव और खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स में उनके योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया। खेल क्षेत्र में डॉ. रावत के मार्गदर्शन में चमत्कार हुए। उनके तीन खिलाड़ी—वाजिद अली, अभिषेक रावत, अक्षय थापा और राजेंद्र सिंह बैरोला—ने 38वें नेशनल गेम्स (उत्तराखंड) में राज्य टीम को फुटबॉल में पहली सिल्वर मेडल दिलाया, जहां डॉ. रावत कोऑर्डिनेटर भी नियुक्त थे। देहरादून फुटबॉल एकेडमी को कोचिंग में आल इंडिया गढ़वाल फुटबॉल कप (U-14 विजेता, U-17 उपविजेता), उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मेमोरियल टूर्नामेंट (U-17 विजेता, U-12 उपविजेता) और आल इंडिया U-14 फाउंडर कप में जीत दिलाई।
उनके चार खिलाड़ी संतोष ट्रॉफी फाइनल राउंड पहुंचे, जबकि तरुण, अमन फर्शवान, प्रियांशु रावत और प्रियांशु जोशी का चयन इंडिया खेलो फुटबॉल फाइनल के लिए हुआ। खेलो मास्टर्स में 40+, 50+ और 60+ वर्गों में उत्तराखंड को सिल्वर मेडल दिलाए। अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां: भारती विठ्ठलपाटी यूनिवर्सिटी की शॉर्ट फिल्म ‘जर्नी ऑफ फुटबॉलर वीरेंद्र सिंह रावत’ को इंटरनेशनल सिल्वर स्क्रीन फिल्म अवॉर्ड, FICCI से ग्रासरूट्स प्रमोटिंग स्पोर्ट्स कोच ऑफ द ईयर, ANI न्यूज से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारतीय रतन सम्मान, IPSA U-17 गर्ल्स टूर्नामेंट में बेस्ट ऑब्जर्वर अवॉर्ड, और गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज के 100 वर्ष समारोह में बेस्ट इंटरनेशनल कोच।
डॉ. रावत ने समर-विंटर कैंप, गढ़वाल कप, चुनौती कप और दून कप जैसे आयोजन किए तथा बड़े टूर्नामेंट्स में मुख्य रेफरी बने। 56 वर्ष की उम्र में युवा जोश के साथ लाखों युवाओं को नशा मुक्ति, फास्ट फूड से बचाव और मोबाइल के सीमित उपयोग के लिए जागरूक किया। 27 वर्षों में 85 से अधिक अवॉर्ड जीत चुके डॉ. रावत ने कहा, “समाज जागरूक हो रहा है, यही हमारा सबसे बड़ा कर्म। अंतिम सांस तक सेवा जारी रहेगी।” देशवासियों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने युवाओं से खेल और समाजसेवा में योगदान की अपील की।
