देहरादून। वार्ड 84 के कन्हैया विहार कॉलोनी में उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूएसडीए) और ठेकेदार फर्म विष्णु प्रकाश आर. पुगलिया लिमिटेड द्वारा चार साल पहले शुरू हुए ड्रेनेज, सीवरेज और पानी की लाइन बिछाने के कार्य ने स्थानीय लोगों के लिए नर्क जैसी जिंदगी बना दी है। सड़क निर्माण पूरी तरह ठप होने से कॉलोनी की मुख्य सड़कें टूटी-फूटी और कीचड़ भरी पड़ी हैं, जिससे वाहनों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
कॉलोनीवासी बताते हैं कि 2022 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन काम अधर में लटका हुआ है। बारिश के मौसम में जलभराव और गंदे पानी की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा मंडरा रहा है। एक बुजुर्ग निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हर रोज स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को कीचड़ में धंसकर परेशान होना पड़ता है। ठेकेदारों की लापरवाही से हमारी जिंदगी दांव पर लग गई है।”
क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं—सागर मलिक, हर्षा आहूजा, ललित आहूजा, घनश्याम शर्मा और विमला पंत—ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित विभाग गलत जानकारी देकर मामला को टालता रहा है। सागर मलिक ने कहा, “हमने कई बार स्थल निरीक्षण की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।”
जिलाधिकारी कार्यालय से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यूएसडीए के एक अधिकारी ने बताया कि तकनीकी खामियों के कारण काम रुका है और जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा। कॉलोनीवासी अब बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
