देहरादून: उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में त्यूनी के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री के शिक्षा-केंद्रित विज़न और जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में त्यूनी स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय के कायाकल्प के लिए 12 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 7.20 लाख रुपये की प्रथम किस्त जारी कर दी गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के त्यूनी दौरे के दौरान स्थानीय छात्र-छात्राओं एवं संकल्प जनजातीय उत्थान फाउंडेशन समिति ने पुस्तकालय के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण की मांग उठाई थी। इस मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से पुस्तकालय की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था के लिए विस्तृत प्राक्कलन तैयार कराया, जो लगभग 12.20 लाख रुपये का था।
इसी प्राक्कलन के आधार पर जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की शासी परिषद ने 12 लाख रुपये स्वीकृत किए। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास के निर्धारित बैंक खाते से 60 प्रतिशत राशि अर्थात 7.20 लाख रुपये अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग, देहरादून के पक्ष में निर्गत कर दी गई है। शेष 4.80 लाख रुपये की धनराशि उपयोगिता प्रमाण-पत्र एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जारी की जाएगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि त्यूनी जैसे दूरस्थ और सीमांत क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा का मज़बूत आधार तैयार करेगा। यहाँ उपलब्ध पुस्तकों एवं शांत अध्ययन वातावरण से स्कूली छात्रों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि पूरे जनपद, विशेषकर दुर्गम और सीमांत इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधनों का विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय जैसी संस्थाएँ न केवल अध्ययन संस्कृति को बढ़ावा देती हैं, बल्कि युवाओं को अवसरों की समान पहुँच भी सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि त्यूनी पुस्तकालय का उन्नयन आने वाले समय में क्षेत्र के शैक्षिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
