देहरादून : प्लास्टिक कचरे से जूझते शहर को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में देहरादून नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। आज नगर निगम परिसर के बाहर मनसा फैसिलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से पहली स्वचालित प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन का उद्घाटन हुआ, जो उपयोग की गई बोतलों को पल भर में चूर-चूर कर उनके आकार को 80 प्रतिशत तक कम कर देगी। इससे कचरे का संग्रहण, ढुलाई और रीसाइक्लिंग आसान हो जाएगी।
नगर निगम की योजना है कि अगले कुछ महीनों में शहर के प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, पार्कों, स्कूलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में कुल 50 ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी। अपर नगर आयुक्त प्रवीन कुमार (IAS) ने बताया, “प्लास्टिक बोतलें सड़कों पर बिखरी पड़ीं तो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को नुकसान। ये मशीनें स्रोत पर ही समस्या का हल देंगी, खुले में फेंकने की आदत पर लगाम लगाएंगी।”
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने जोड़ा कि इससे स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्लास्टिक कचरा 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है। उद्घाटन समारोह में महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल (IAS) ने संयुक्त रूप से मशीन चालू की। कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान और सफाई निरीक्षक भी मौजूद रहे।
स्थानीय निवासी रीता शर्मा ने उत्साह से कहा, “अब पार्क में बोतलें इकट्ठा नहीं होंगी, बच्चे भी सीखेंगे रीसाइक्लिंग।” एक युवा कार्यकर्ता ने इसे “हरित क्रांति का छोटा लेकिन सशक्त कदम” बताया। नगर निगम देहरादून का दावा है कि यह पहल शहर को प्लास्टिक-मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले दिनों में ऐसी मशीनों से जुड़ी जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिसमें स्कूलों में वर्कशॉप शामिल होंगे। पर्यावरण प्रेमी इसे सराहनीय बता रहे हैं, लेकिन कुछ ने सुझाव दिया कि मशीनों पर पीने के पानी की सुविधा भी जोड़ी जाए।
