देहरादून। जहां कुछ लोग साजिशों के ताने-बाने बुनते रह गए, वहीं देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल मानवीय संवेदनाओं के साथ जरूरतमंदों की जिंदगी को नई दिशा देते रहे। जब किसी की उम्मीदें टूट जाती हैं, तब जिलाधिकारी सविन बंसल आस बनकर खड़े दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक मार्मिक उदाहरण पेश करते हुए आर्थिक तंगी और ऋण के बोझ से जूझ रही विधवा शांति राणा को बड़ी राहत प्रदान की।
सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई, जिससे ई-रिक्शा के लिए लिए गए बैंक ऋण का पूरा निपटारा हो सका। इसके साथ ही शांति राणा की 8वीं में पढ़ रही बेटी अंशिका की कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई।
जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा साझा की थी। पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक संकट ने परिवार को तोड़कर रख दिया था। मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल जांच कराकर नियमानुसार त्वरित सहायता सुनिश्चित कराई।
जिला प्रशासन ने न केवल ऋण और शिक्षा की समस्या का समाधान किया, बल्कि शांति राणा को रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह उदाहरण बताता है कि साजिशें चाहे जितनी हों, जनहित और संवेदनशील प्रशासन के सामने वे टिक नहीं पातीं। देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल का यह मानवीय चेहरा आज कई टूटती जिंदगियों के लिए संबल बन रहा है।
