25 जुलाई तक हर हाल में पूरी हों कांवड़ मेले की तैयारियां, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीएम
आगामी कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिकेश में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा मार्ग, आईडीपीएल मैदान, नेपाली फार्म तथा अन्य प्रमुख स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ मेले से संबंधित सभी कार्य 25 जुलाई तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऋषिकेश/देहरादून, 20 जुलाई।गोविन्द शर्मा { पत्रकार }
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले आईडीपीएल मैदान का निरीक्षण किया, जहां बड़ी संख्या में कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की जानी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदान में पर्याप्त पेयजल, अस्थायी शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित पार्किंग, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की धार्मिक आस्था का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर गड्ढों की मरम्मत, पैचवर्क, पुलों की रेलिंग दुरुस्त करने तथा स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम होना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सिंचाई विभाग को गंगा घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगर निगम ऋषिकेश को घाटों एवं यात्रा मार्ग की नियमित सफाई, प्रकाश व्यवस्था, डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग एवं दवा छिड़काव सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। साथ ही आईडीपीएल मैदान में विशेष सफाई अभियान चलाकर मैदान को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए गए कि बरसात के दौरान वाहनों के फंसने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
स्वास्थ्य विभाग को कांवड़ यात्रा के दौरान पर्याप्त संख्या में चिकित्सा दल तैनात करने, फर्स्ट एड की व्यवस्था करने तथा प्रमुख स्थानों पर मेडिकल कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की कांवड़ यात्रा के दौरान जिन कमियों की पहचान हुई थी, उन्हें इस बार दूर करते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत कर उनके सुझाव लिए और भरोसा दिलाया कि मेले से पहले तथा मेले के समापन के बाद व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
डीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग एवं जिला पूर्ति अधिकारी को होटल, ढाबों और भोजनालयों की नियमित जांच करने, सभी प्रतिष्ठानों पर मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने तथा ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध दुकानों और फर्जी नाम से संचालित ढाबों के विरुद्ध भी अभियान चलाने को कहा।
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा। 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ रहने की संभावना है, जबकि 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ का संचालन होगा। 11 अगस्त को शिवालयों में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग को चार जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी तुषार बोहरा, नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग भृगुनाथ द्विवेदी, तहसीलदार प्रदीप नेगी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
