देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि देहरादून के मौजूदा जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि एक वर्ष के भीतर चार-चार बार बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कराया है। लगातार जनता के बीच पहुँचने और समस्याओं का मौके पर समाधान करने की इस अनोखी पहल के कारण क्षेत्र की जनता अब उन्हें “धाकड़ डीएम” के नाम से जानने लगी है।

लोगों का कहना है कि जिलाधिकारी सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि निर्णय लेते हैं — और निर्णय सीधे न्याय में बदल जाता है। अवैध कार्यों, भ्रष्टाचार और मनमानी पर कड़ी कार्रवाई यही वजह है कि आज जनता उन्हें खुलकर “धाकड़ डीएम” कहती है।
सरकार आपके द्वार — समाधान वहीं, जहाँ समस्या
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत 05 जनवरी को कालसी के पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम में होने वाले शिविर में प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे।
इस शिविर में—
आय, जाति, निवास व उत्तराधिकार प्रमाणपत्र
पेंशन, छात्रवृत्ति और शादी अनुदान
दिव्यांग प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड
आयुष्मान कार्ड, निःशुल्क जांच, औषधि वितरण
राशन कार्ड सत्यापन और संशोधन
मनरेगा, पीएम आवास, स्वरोजगार योजनाएँ
केसीसी, बैंक लिंकिंग, बीमा योजनाएँ
सड़क, बिजली, पानी और सिंचाई से जुड़े मामले
—यानी लाभ भी, समाधान भी — सब कुछ एक ही मंच पर।
फैसले जमीन पर उतरते हैं
जौनसार-बावर क्षेत्र में जिलाधिकारी सविन बंसल के कार्यकाल के दौरान—
शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए विशेष पहल
गरीब और असहाय लोगों के लिए आर्थिक सहायता
ग्रामीण क्षेत्रों में लाइब्रेरी और खेल मैदानों की स्वीकृति
अस्पतालों में सुविधाओं में तेज़ सुधार
सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुँच
यही कारण है कि लोग कहते हैं—
“यह डीएम सुनते भी हैं, और तुरंत कार्रवाई भी करते हैं।”
जनता का भरोसा, प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिलाधिकारी ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएँ और अपनी समस्याओं का समाधान कराएँ।
